Lord Ganesha Mantras & Stotras for Sankashti Chaturthi

Sankashti Chaturthi - Siddhivinayak Wallpaper

Sankashti Vrat and Puja is preformed for Lord Ganesha on the fourth day after Purnima or full moon of every Hindu Lunar month.

On this day, devotees of Lord Ganesha observe strict fast which they break at night, after having darshan/auspicious sight of the moon.

Sankashti Chaturthi Mantra’s and Strotra’s :

Please find below the Lord Ganesha Sankashti Chaturthi Mantra which you can chant on the auspicious occasion of Sankashti Chaturthi.

संकष्टी चतुर्थी गणेश स्तोत्रा :

गणेशाय नमस्तुभ्यं सर्वसिद्दिप्रदायकम.
संकष्ठ हरणं मे देव गृहानार्घः नमोस्तुते –
कृष्ण पक्षे चतुर्थ याँ तू सम्पुजितिम विधुदये.
क्षिप्रं प्रसीद देवेश गृहानार्घः नमोस्तुते -

You can also recite -

 सांकॅटा हरा गणेशा स्तोत्रम – संकाशटनाशना स्तोत्रा

ओम प्राणमया सिरसा देवं गौरी पुत्राँ विनायकम
भक्तावसं स्मारेणनीत्यम आयुः कमर्ता सीड्दाए (1)

प्राथमाम वक्रतुंदम छा एकदन्तम द्वितीयाकम
त्रितियाँ कृष्णा पिंगाक्षम गाजावक्थ्रमराँ चतुर्थकं (2)

लंबोदराम पांचमाम छा शष्टम विकतमेवा छा
सप्तमंम विग्न राजम छा धूम्रवर्नाम तताश्टकम (3)

नवमं फला चन्द्रम छा दसमाँ तू विनायकम
एकादासं गणपतीं द्वादसम तू गजाननं (4)

द्वादासैयतानी नामानी थ्री संध्याम यह पातेनारह
ना छा विग्न भायं तसया सर्वा सिद्धि करीम प्रभो (5)

विद्यार्थी लाभाते विद्या धनार्थी लाभाते धनम
पुत्रर्थी लाभाते पुत्रां मोक्षार्ती लाभाते गतिम् (6)

जपेत गणपति स्तोत्रम षद्भिरमासा फलाँ लाभेठ़,
संवत्सारेणा सिद्धिम छा लाभाते नात्रा सँसयहा (7)

अष्टाभयो ब्राह्मनेभ्याश छा लिखितवा यह समर्पाएत
तसया विद्या भवेट्सर्वा गणेषस्या प्रसदातहा (8)